लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के सैनिकों से हिंसक झड़प में शहीद हुए जवान गणेशराम कुंजाम का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो ...
लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के सैनिकों से हिंसक झड़प में शहीद हुए जवान गणेशराम कुंजाम का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ गृहग्रामकुरुटोला में किया गया। देश के लिए शहीद होने वाले लाल को अंतिम विदाई देने के लिए भोर से ही गांव केलोग जुटने लगे थे।दिनभर शहीद गणेश अमर रहें के जयकारे गूंजते रहे।
इससे पहले मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
इससे पहलेशहीद जवान गणेशराम कुंजाम का पार्थिव शरीर विशेष विमान सेरायपुर पहुंचा। यहां उनके शव को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कंधा दिया। इसके बाद एयरपोर्ट के ओल्ड टर्मिनल मेंलाया गया, जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे, प्रेमसाय सिंह टेकाम, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
स्कूल में अब शहादात की गाथा
इसके बादमीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, जिस स्कूल में जवान गणेशराम कुंजाम ने पढ़ाई की थी, उसका नाम शहीद जवान के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही परिजनों को30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि देने के बाद उनकी पार्थिव देह कांकेर में उनके गृहग्राम कुरुटोला हेलीकॉप्टर सेभेज दी गई।
शहीद के पिता इतवारू राम और चाचा तिहारू राम अपने लाडले को लेेने सुबह ही रायपुर रवाना हो गए थे। जबकि जिलेभर से लोग जुटने लगे थे, शाम तक भीड़ बढ़ती गई। रात 7.45 बजे शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जिसके पीछे चारामा से युवा बाइक रैली के रूप में जयकारे लगाते गांव पहुंचे। गांव में विशेष वाहन पहुंचते ही जय-जयकार से गांव गूंजने लगा। परिजन और विशिष्टनों की श्रद्धांजलि के बाद देर रात शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
मास्क बांटा गया, मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त
गांव में उमड़ रही भीड़ को देखते जनपद पंचायत ने एहतियातन एक हजार लोगों को मास्क बंटवाए। दोपहर 2 बजे तक पूरे मास्क बंट चुके थे। शहीद का शव गांव पहुंचा उस दौरान भीड़ ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर श्रद्धांजलि देने के साथ जयकारे लगाए। गांव में शाम 5 बजे तक 2 हजार से अधिक लोग जुट गए थे। भीड़ बढ़ने के कारण मोबाइल नेटवर्क तक ध्वस्त हो गया था।
एक महीने पहले ही चीन बॉर्डर पर हुई थी पोस्टिंग
जवान गणेशराम की एक महीने पहले ही चीन के बॉर्डर पर पोस्टिंग हुई थी। हिंसक झड़प में गणेश बुरी तरह से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मंगलवार देर शाम कैंप से एक अधिकारी ने जवान के चाचा तिहारू राम कुंजाम को फोन कर इसकी जानकारी दी। बेहद गरीब परिवार से आने वाले गणेश कुंजाम ने 12वीं के बाद साल 2011 में आर्मी ज्वाॅइन कर ली थी। वह परिवार में इकलौते बेटे थे।
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